कहीं तो मिलेगी मोहब्बत की राहें,
ये दिल का मुसाफ़िर चला जा रहा है…
अधूरी सी ख्वाहिश, अधूरी सी बातें,
कोई तो उसे अब बुला रहा है…
तन्हा ये रातें, तन्हा सफ़र है,
दिल को किसी का अभी भी असर है,
खोया हुआ हूँ तेरी यादों में,
फिर भी ये दिल क्यों बेख़बर है…
Hook / Chorus
कहीं तो मिलेगी वो आँखों की दुनिया,
जहाँ पे ये दिल ठहर जाएगा…
ये दिल का मुसाफ़िर थका सा अकेला,
किसी मोड़ पे घर बना जाएगा…
चलते-चलते ये राहें कहें कुछ,
रुक जा ज़रा, कोई पास है शायद,
सपनों में जैसे तू मिलती रही है,
हकीकत में भी तू खास है शायद…
धड़कन ये बोले, तू पास आ जा,
सांसों में मेरी तू बस जा ज़रा,
ये दूरियाँ अब सहा ना जाए,
मिल जा कहीं, ओ हमसफ़र मेरा…
Hook Repeat
कहीं तो मिलेगी वो आँखों की दुनिया,
जहाँ पे ये दिल ठहर जाएगा…
ये दिल का मुसाफ़िर थका सा अकेला,
किसी मोड़ पे घर बना जाएगा…