मुखड़ा
भोले, ऐसा मन कहाँ से लाऊँ,
जो तेरा हो जाए।
दुनिया से ये मन हट जाए,
बस तुझमें खो जाए।
भोले, ऐसा मन कहाँ से लाऊँ,
जो तेरा हो जाए।
अंतरा 1
राहों में चलते-चलते मैंने,
कितने मोड़ हैं देखे।
अपने भी सब दूर हुए हैं,
दुख के दिन जब देखे।
तेरी ओर जो आँख उठाऊँ,
दिल को चैन सा आए।
भोले, ऐसा मन कहाँ से लाऊँ,
जो तेरा हो जाए।
अंतरा 2
मुझको बस तेरा साथ चाहिए,
तू ही मेरा सहारा।
तेरे चरणों में जगह मिल जाए,
मिट जाए जग का अँधियारा।
साँस-साँस में नाम तेरा हो,
जीवन तेरा कहलाए।
भोले, ऐसा मन कहाँ से लाऊँ,
जो तेरा हो जाए।
अंतरा 3
जब तक साँसें चलती जाएँ,
तेरा नाम मैं गाऊँ।
दुनिया चाहे कुछ भी कह दे,
तेरा होकर रह जाऊँ।
मेरी हर इक भूल को भोले,
तेरी दया मिटाए।
भोले, ऐसा मन कहाँ से लाऊँ,
जो तेरा हो जाए।
अंतिम मुखड़ा
भोले, ऐसा मन कहाँ से लाऊँ,
जो तेरा हो जाए।
दुनिया से ये मन हट जाए,
बस तुझमें खो जाए।
भोले, ऐसा मन कहाँ से लाऊँ,
जो तेरा हो जाए।


