आलाप — दर्द भरी पुकार
आ… आ…
भोले… आ… आ…
डमरू वाले बाबा…
आ… आ…
तुझको आना पड़ेगा…
आ… आ…
मुखड़ा
डमरू वाले बाबा… आ… आ…
तुझको आना पड़ेगा… आ… आ…
मेरी पुकार सुन ले बाबा,
दौड़ा चला आ… आ…
डमरू वाले बाबा… आ… आ…
तुझको आना पड़ेगा… आ… आ…
टूट रहा है मन ये मेरा,
आकर इसे संभाल… आ… आ…
अंतरा 1
जब कोई अपना साथ न दे,
जब कोई मेरी बात न सुने,
तेरे सिवा किसको पुकारूँ,
कौन मेरे आँसू चुने।
सूनी-सूनी राहों में बाबा,
तेरी ही राह निहारूँ,
मन की सारी पीड़ा लेकर,
तेरे दर पर आऊँ।
मेरी नैया डूब रही है,
आकर पार लगाना पड़ेगा,
डमरू वाले बाबा… आ… आ…
तुझको आना पड़ेगा… आ… आ…
अंतरा 2
दुःख की घटा घिर आए जब,
आँख मेरी भर आए जब,
हाथ पकड़ लेना मेरा बाबा,
मन मेरा घबराए जब।
टूटे सपने, बिखरी राहें,
किससे अपना दर्द कहूँ,
तेरे चरणों में सिर रखकर,
बस इतना मैं तुझसे कहूँ।
मेरी हर पुकार सुन ले बाबा,
मुझको गले लगाना पड़ेगा,
डमरू वाले बाबा… आ… आ…
तुझको आना पड़ेगा… आ… आ…
भावुक ब्रिज
साँस-साँस में नाम तेरा हो,
धड़कन में बस धाम तेरा हो।
जब तक ये जीवन चलता जाए,
होंठों पर बस नाम तेरा हो।
ना कोई अपना, ना सहारा,
तू ही मेरा भोला प्यारा।
तेरे दर से खाली न लौटूँ,
इतना तो उपकार करना।
अंतरा 3
तेरी जटाओं में गंगा मैया,
माथे चंदा प्यारा,
गले में नाग, हाथ में त्रिशूल,
रूप तेरा जग से न्यारा।
तेरे नाम से चैन मिले,
तेरे नाम से डर मिट जाए,
मेरे घर-आँगन की हर पीड़ा,
तेरी कृपा से दूर हो जाए।
मेरे सिर पर हाथ रख देना,
बस इतना उपकार करना,
डमरू वाले बाबा… आ… आ…
अबकी बार न देर करना।
अंतिम मुखड़ा — सबसे भावुक और बड़ा
डमरू वाले बाबा… आ… आ…
तुझको आना पड़ेगा… आ… आ…
मेरी पुकार सुन ले बाबा,
दौड़ा चला आ… आ…
टूट रहा है मन ये मेरा,
आकर इसे संभाल… आ… आ…
मेरी नैया डूब रही है,
आकर पार लगा… आ… आ…
सभी — धीरे से बढ़ती आवाज़
आना पड़ेगा…
आना पड़ेगा…
भोले तुझको आना पड़ेगा…
आ… आ…
डमरू वाले बाबा…
आ… आ…
तुझको आना पड़ेगा…
हर हर महादेव…
हर हर महादेव…