Mohan Ki Gali Mein — cover art
कृष्ण भजन

Mohan Ki Gali Mein

Rooh Music Studio · गीत के बोल

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मुखड़ा

मोहन की गली में, मन मेरा खो गया,
श्याम का नाम लेते-लेते, दिल ये तेरा हो गया।
मन मेरा खो गया,
हाँ मन मेरा खो गया।

अंतरा 1

नैनों में लेकर सपना, निकला हूँ तेरे द्वारे,
तेरी एक झलक को मोहन, तरसे नैन बेचारे।
तरसे नैन बेचारे, मोहन,
तेरी एक झलक को मोहन।

मुखड़ा

मोहन की गली में, मन मेरा खो गया,
श्याम का नाम लेते-लेते, दिल ये तेरा हो गया।
मन मेरा खो गया,
हाँ मन मेरा खो गया।

अंतरा 2

यमुना किनारे बैठा, तेरी राह मैं निहारूँ,
मुरली की धुन सुनूँ तो, दौड़ा-दौड़ा मैं आऊँ।
दौड़ा-दौड़ा मैं आऊँ, मोहन,
मुरली की धुन सुनूँ तो।

मुखड़ा

मोहन की गली में, मन मेरा खो गया,
श्याम का नाम लेते-लेते, दिल ये तेरा हो गया।
मन मेरा खो गया,
हाँ मन मेरा खो गया।

अंतरा 3

अचानक सामने मेरे, मुस्काए मेरे मोहन,
नैनों में भर लिया मैंने, साँवरा अपना मोहन।
साँवरा अपना मोहन, मोहन,
नैनों में भर लिया मैंने।

मुखड़ा

मोहन की गली में, मन मेरा खो गया,
श्याम का नाम लेते-लेते, दिल ये तेरा हो गया।
मन मेरा खो गया,
हाँ मन मेरा खो गया।

ब्रिज

मेरे मोहन, मेरे मोहन,
तुझसे ही मेरा नाता,
तेरे चरणों में मिल जाए,
जीवन भर का सुख सारा।
तेरा नाम रहे अधरों पर,
तेरी याद रहे मन में,
कुछ और नहीं अब माँगूँ,
रख लेना मुझको चरणों में।

अंतिम मुखड़ा — भावपूर्ण और ऊँचा

मोहन की गली में, मन मेरा खो गया,
श्याम का नाम लेते-लेते, दिल ये तेरा हो गया।
मन मेरा खो गया,
हाँ मन मेरा खो गया।
मोहन की गली में...
मोहन की गली में...
मोहन की गली में...
मन मेरा खो गया...
हाँ मन मेरा खो गया...