मुखड़ा
हे गणनायक, अब तो आ जाओ,
बप्पा मेरे, अब तो आ जाओ।
विघ्न हर लो, दुखड़े मिटा दो,
मेरे जीवन में मंगल छा दो।
अब तो आ जाओ... अब तो आ जाओ...
बप्पा मेरे, अब तो आ जाओ...
गणपति बप्पा मोरया,
मंगलमूर्ति मोरया।
अंतरा 1
थककर जब ये मन घबराए,
कोई राह न मुझको दिखाए।
तेरा नाम पुकारूँ बप्पा,
अंधियारा भी दूर हो जाए।
तेरी कृपा मिल जाए बप्पा,
मन का हर डर दूर हो जाए।
तेरे चरणों में शीश झुकाऊँ,
जीवन मेरा धन्य हो जाए।
मुखड़ा हुक
अब तो आ जाओ... अब तो आ जाओ...
बप्पा मेरे, अब तो आ जाओ।
मेरे जीवन में मंगल छा दो,
आकर मेरे भाग्य जगा दो।
अंतरा 2
हे विघ्नहर्ता, दया करो,
बप्पा मेरे, कृपा करो।
मन के अँधियारे दूर करो,
जीवन में उजियारा भरो।
बुद्धि दो, भक्ति दो बप्पा,
सच्ची राह दिखाना।
जब भी मैं राहों में भटकूँ,
अपना हाथ बढ़ाना।
मुखड़ा हुक
हे गणनायक, अब तो आ जाओ,
बप्पा मेरे, अब तो आ जाओ।
विघ्न हर लो, दुखड़े मिटा दो,
मेरे जीवन में मंगल छा दो।
अंतरा 3
घर-घर तेरी ज्योति जले अब,
हर चेहरे पर खुशियाँ आएँ।
रूठे मन फिर पास आ जाएँ,
बिछड़े रिश्ते प्रेम निभाएँ।
तेरे नाम का मंगल लेकर,
हर आँगन सुख-शांति से भर जाए।
सबके जीवन में सुख बरसे,
हर मन तेरा दर्शन पाए।
भावपूर्ण ब्रिज
बप्पा मेरे, इतनी कृपा करना,
सुख-समृद्धि से घर भर देना।
मेहनत का फल सबको मिल जाए,
हर जीवन में खुशियाँ आएँ।
जब भी मन मुश्किल में घबराए,
तेरा नाम मुझे राह दिखाए।
सच्चाई से मैं कर्म करूँ,
हर पल तेरा स्मरण करूँ।
जब तक साँस रहे इस तन में,
तेरा नाम रहे धड़कन में।
अंत समय भी यही पुकारूँ,
बप्पा रहना मेरे संग।
अंतिम कोरस
गणपति बप्पा मोरया!
मंगलमूर्ति मोरया!
विघ्न विनाशक मोरया!
सुख के दाता मोरया!
हे गणनायक, अब तो आ जाओ,
बप्पा मेरे, अब तो आ जाओ।
मेरे जीवन में दीप जलाओ,
हर मन में विश्वास जगाओ।
अब तो आ जाओ... अब तो आ जाओ...
गणपति बप्पा मोरया!
मंगलमूर्ति मोरया!